राम मंदिर में अब तक 500 करोड़ का मिला दान; औसतन एक श्रद्धालु ने 33 रुपए से अधिक का किया है दान

राम मंदिर में अब तक 500 करोड़ का मिला दान; औसतन एक श्रद्धालु ने 33 रुपए से अधिक का किया है दान

Ayodhya Ram Mandir Donations

Ayodhya Ram Mandir Donations

Ayodhya Ram Mandir Donations: अयोध्या में राम मंदिर दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की लागतार बढ़ती संख्या के साथ करोड़ों का चढ़ावा की आ रहा है. रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक लगभग 15 करोड़ से अधिक लोग राम नगरी दर्शन करने पहुंच चुके हैं. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को लगभग 500 करोड़ से अधिक का दान भी मिल चुका है, जिसे पारदर्शी व्यवस्था में सुरक्षा रखा जाता है. ऐसा राम मंदिर के ट्रस्टियों का दावा है.

जन्मभूमि परिसर राम मंदिर में दान देने की सुविधा को व्यवस्थित और सुलभ बनाने के लिए छह बड़े दानपात्र लगाए गए हैं. इसके अलावा परिसर के अन्य मंदिरों पर एक दर्जन दान पात्र रखे हुए हैं. साथ ही चार काउंटर भी बनाए गए हैं, जहां भक्त अपनी श्रद्धानुसार नकद दान जमा कर तुरंत कंप्यूटरीकृत रसीद प्राप्त कर सकते हैं. यह व्यवस्था श्रद्धालुओं को आसानी से दान अर्पित करने में मदद करती है.

ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार, वर्तमान में राम मंदिर में प्रतिदिन औसतन आठ से दस लाख रुपए का दान प्राप्त हो रहा है. यह राशि मुख्य रूप से दानपात्रों और काउंटरों के माध्यम से आ रही है. भक्त रामलला के दर्शन करते हुए सीधे दानपात्र में रुपए डालते हैं, जबकि काउंटरों पर रसीद लेकर दान जमा किया जाता है. दान की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है.

दान की राशि ट्रस्ट के खाते में होती है जमा

जानकारी के अनुसार, दान की गिनती के बाद राशि को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विभिन्न खाते में जमा किया जाता है. रुपए गिनने के लिए एक विशेष एजेंसी नामित की गई है, जिसने दो शिफ्ट में लगाए गए आधा दर्जन कर्मी इस धनराशि को गिनते हैं. इसके अलावा ट्रस्ट द्वारा नामित अधिकारी, भारतीय स्टेट बैंक के कर्मचारी भी सहयोग करते हैं.

जिस स्थान पर रुपए गिने जाते हैं, वह आधुनिक व वाइस रिकॉर्डिंग से लैस सीसीटीवी लगे हैं. बताया जाता है कि बैंक द्वारा प्रतिदिन लिमिट के अनुसार रुपए खाते में जमा कराए जाते हैं. यदि रुपए शेष बचते हैं तो उसे एक बैग में सील कर सुरक्षित कमरे में रख दिया जाता है.

साल में 2 बार होता है ऑडिट

ट्रस्ट द्वारा ऑनलाइन, चेक, यूपीआई व दानपात्र के माध्यम से मिले रुपयों का वर्ष में प्रत्येक छमाही ऑडिट भी कराया जाता है. इसके लिए चार्टड एकाउंटेंट रखे गए हैं. इसमें आंतरिक बैंककर्मी व अधिकारी भी शामिल होते हैं. इसमें आय व्यय के साथ एक-एक रुपए का हिसाब होता है.

इस लेखा-जोखा को ट्रस्ट के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है, जिसे ट्रस्ट की बैठक में पदाधिकारियों के समक्ष रखा जाता है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय सहित अधिकारियों द्वारा हमेशा कहा जाता है कि हर पैसा सही तरीके से हिसाब में दर्ज होता है और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं बरती जाती है.

ट्रस्ट को अब तक 500 करोड़ का दान मिला

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अब तक 15 करोड़ से अधिक लोग दर्शन करने पहुंच चुके हैं. ट्रस्ट को लगभग 500 करोड़ से अधिक का दान मिल चुका है. इसमें करीब 150 करोड़ का दान दानपात्र से प्राप्त हुए हैं और अन्य 350 करोड़ ऑनलाइन व काउंटर से प्राप्त हुए हैं. ट्रस्ट का कहना है कि दान का उपयोग मंदिर की देखभाल, सेवा कार्यों और भविष्य की योजनाओं में किया जाएगा.